गाइड · हिसाब-किताब रखना

छोटे व्यवसाय का हिसाब-किताब कैसे रखें, कदम-दर-कदम

हिसाब-किताब रखने का मतलब है व्यवसाय की हर गतिविधि को इस तरह दर्ज करना कि आँकड़े मिलें और जाँचे जा सकें। यह गाइड एक छोटी दुकान के पहले महीने पर पूरा चक्र दिखाती है: खातों की सूची, प्रविष्टियाँ, बहियाँ और वित्तीय विवरण।

एक महिला अपनी मेज़ पर नोटबुक में लिख रही है, दूसरे हाथ में रसीद है और पास में लैपटॉप रखा है
फ़ोटो: Karolina Grabowska, Pexels

हिसाब-किताब रखने का मतलब

हर बिक्री, ख़रीद, भुगतान और पूँजी निवेश यह बदलता है कि व्यवसाय के पास क्या है और उस पर क्या बकाया है। हिसाब-किताब हर बदलाव को एक बार दर्ज करता है, तारीख़, रकम और जिन खातों पर असर पड़ा उनके साथ, ताकि आप किसी भी समय बता सकें कि व्यवसाय ने कितना कमाया और उसकी कीमत क्या है।

दोहरी प्रविष्टि: हर रकम दो बार

दोहरी प्रविष्टि प्रणाली में हर लेन-देन एक खाते में डेबिट और दूसरे में क्रेडिट के रूप में, एक ही रकम से दर्ज होता है। कुल डेबिट हमेशा कुल क्रेडिट के बराबर होता है; अगर नहीं, तो कोई गलती है जिसे फैलने से पहले ढूँढना होगा।

लेखा चक्र के पाँच कदम

  1. खातों की सूची बनाएँ: व्यवसाय जिन खातों का उपयोग करेगा, उन्हें संपत्ति, देनदारी, पूँजी, आय और व्यय में बाँटकर।
  2. हर लेन-देन को उसी दिन रोजनामचे में प्रविष्टि के रूप में दर्ज करें, किसी दस्तावेज़ के आधार पर: रसीद, बिल या बैंक स्टेटमेंट।
  3. प्रविष्टियों को खाते-दर-खाते खाताबही में ले जाएँ, ताकि हर खाते की शेष राशि दिखे।
  4. तलपट जाँचें: कुल डेबिट और कुल क्रेडिट बराबर होने चाहिए।
  5. वित्तीय विवरण बनाएँ: नतीजे के लिए लाभ-हानि खाता और स्थिति के लिए तुलन पत्र।

हल किया हुआ उदाहरण: एक दुकान का पहला महीना

एक दुकान मार्च में खुलती है। मालिक 5,000 नकद लगाती है, 1,200 में अलमारियाँ ख़रीदती है, 3,000 की नकद और 800 की उधार बिक्री करती है, 1,000 किराया चुकाती है और 400 का बिजली बिल पाती है जो अगले महीने चुकाना है। छह लेन-देन, छह प्रविष्टियाँ:

लेन-देनडेबिटक्रेडिटरकम
मालिक की पूँजीनकदपूँजी5,000
अलमारियाँफ़र्नीचर व उपकरणनकद1,200
नकद बिक्रीनकदबिक्री3,000
उधार बिक्रीप्राप्य खातेबिक्री800
किरायाकिराया व्ययनकद1,000
बिजली बिलबिजली व्ययदेय खाते400

महीने के अंत में दुकान को 2,400 का लाभ हुआ (3,800 की बिक्री में से 1,400 का व्यय घटाकर), और उसका तुलन पत्र दोनों तरफ़ 7,800 पर मिलता है। बाक़ी गाइड इसी महीने को हर कदम पर आगे ले जाती हैं।

आदतें जो हिसाब साफ़ रखती हैं

  • हर दस्तावेज़ सँभालकर रखें और हफ़्ते के लेन-देन उसी हफ़्ते दर्ज करें।
  • व्यवसाय का पैसा अपने पैसे से अलग रखें: मालिक जो नकद निकाले, उसे आहरण के रूप में दर्ज करें।
  • महीने में कम से कम एक बार नकद और बैंक की तुलना असली शेष से करें।
  • हर महीने को जाँचने के बाद बंद करें, ताकि बाद में कुछ भी उसे न बदले।

कॉपी, स्प्रेडशीट या अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर

जब लेन-देन कम हों तो कॉपी या स्प्रेडशीट काम कर जाती है, पर कोई भी बिना मिलान वाली प्रविष्टि को नहीं रोकती, और ऊपर लिखी गई संख्या कोई निशान नहीं छोड़ती। Aconta Online ब्राउज़र में दोहरी प्रविष्टि से बहियाँ रखता है: जिस प्रविष्टि का डेबिट और क्रेडिट अलग हो उसे स्वीकार नहीं करता, दर्ज प्रविष्टि को कभी नहीं बदलता, और हर प्रविष्टि के साथ रोजनामचा, खाताबही, तलपट और वित्तीय विवरण अद्यतन रखता है। पहली कंपनी मुफ़्त है, बिना कार्ड के।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या छोटे व्यवसाय का हिसाब-किताब ख़ुद रखा जा सकता है?

हाँ, अगर आप हर लेन-देन को उसके दस्तावेज़ के साथ दर्ज करें और हर महीने तलपट जाँचें। कर और क़ानूनी रिटर्न के लिए किसी लेखाकार से सलाह लें: नियम हर देश में अलग होते हैं।

बहीखाता और लेखांकन में क्या अंतर है?

बहीखाता लेन-देन दर्ज करता है; लेखांकन उन्हें पढ़ता है, वित्तीय विवरण बनाता है और सलाह देता है। छोटे व्यवसाय में अक्सर एक ही व्यक्ति दोनों काम करता है।

क्या छोटे व्यवसाय के लिए कोई मुफ़्त अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर है?

Aconta Online एक कंपनी मुफ़्त रखता है, बिना कार्ड के। ज़्यादा कंपनियों या रोज़ ज़्यादा प्रविष्टियों के लिए ही प्लान चाहिए।